हरी-भरी धरती का गहना,
जंगल है अपना सच का सपना।
पंछी गाएँ मीठे गाने,
हरियाली से मन बहलाने।
नदी-झरने मस्ती में बहते,
पेड़ हवा संग झूला झूलते।
हरियाली की छाँव निराली,
धरती की यह शान निराली।
पेड़ लगाएँ, जंगल बचाएँ,
धरती को सुंदर हम बनाएँ।
पंछी चहकें, हरियाली महके,
मिलकर सब पर्यावरण सँवारे।
जंगल से ही जीवन प्यारा,
इसका करना मत गंवारा।
आओ हम संकल्प ये लें,
पेड़ लगाकर आगे बढ़ें! 🌱💚
- बच्चों, जंगल बचाएँ और धरती को हरा-भरा बनाएँ! 🌎✨